सरकारी बैंकों के स्टाफ को राहत:वित्त मंत्री ने कहा- बैंकों का प्राइवेटाइजेशन होने पर स्टाफ का नुकसान नहीं होने देंगे, सैलरी और पेंशन का ध्यान रखेंगे
निजीकरण के विरोध में कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले 2 दिन की हड़ताल पर हैं वित्त मंत्री ने कहा, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए SBI के साइज वाले कई बड़े बैंकों की जरूरत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि जिन बैंकों को दूसरे सरकारी बैंक में मिलाया जा रहा है या जिन वित्तीय कंपनियों को सौंपा जा रहा है, उनके कर्मचारियों के हितों का नुकसान होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी, स्केल, पेंशन, उनकी सर्विस के सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा। वित्तीय संस्थानों को बेचने के फैसले हड़बड़ी में नहीं कैबिनेट मीटिंग के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि मैं भरोसा दिलाना चाहती हूं कि संस्थानों को बंद नहीं किया जा रहा है और न ही वर्कर्स को नौकरी से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों के विलय और वित्तीय संस्थानों का निजीकरण करने के फैसले हड़बड़ी में नहीं ले रही है। केंद्र उनके स्टाफ के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। वित्त मंत्री का बयान तब आया है, जब बैंकों के निजीकरण के विरोध में उनके कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले 2 दिन की हड़त...